हिंदी व्याकरण

विलोम शब्द (हिंदी व्याकरण)

विलोम शब्द ( हिंदी व्याकरण) विलोम का अर्थ है ‘विपरीत’। शब्द भण्डार भाषा की विकसित अवस्था का सूचक होता है। किसी भाषा में एक प्रकार की स्थिति के लिए एक शब्द विशेष प्रचलित होता है, जबकि उससे विपरीत स्थिति का बोध कराने हेतु शब्द विशेष का प्रचलन होता है। इसे इस उदाहरण से समझा जा सकता […]

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पर्यायवाची शब्द (हिंदी व्याकरण)

  पर्यायवाची शब्द अग्नि आग, अनल, पावक, दहन, वह्नि, कृशानु। अतिथि अभ्यागत, पाहुन, मेहमान, आगन्तुक । अमृत सुधा, सोम, पीयूष, अमी, अमिय, सुरभोग, देवभोग। अपमान अनादर, अवज्ञा, अवहेलना, अवमान, तिरस्कार। अलंकार आभूषण, भूषण, विभूषण, गहना, जेवर। अश्व घोड़ा, हय, हरि, घोटक, बाजि, सैन्धव, तुरंग। असुर दनुज, दैत्य, दानव, राक्षस, तमचर, निशाचर, रजनीचर। अहंकार गर्व, दर्प,

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समास (हिंदी व्याकरण)

समास (हिंदी व्याकरण) परिभाषा: ‘समास’ शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है ‘छोटा-रूप’ । अतः जब दो या दो से अधिक शब्द (पद) अपने बीच की विभक्तियों का लोप कर जो छोटा रूप बनाते हैं, उसे समास, सामासिक शब्द या समस्त पद कहते हैं। जैसे ‘रसोई के लिए घर’ शब्दों में से के लिए विभक्ति का

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संधि (हिंदी व्याकरण)

संधि (हिंदी व्याकरण) दो ध्वनियों के परस्पर मेल को संधि कहते हैं । सन्धि के तीन भेद हैं: 1.स्वर सन्धि 2.व्यंजन सन्धि 3.विसर्ग सन्धि (1) स्वर सन्धि – दो स्वरों के मेल से उत्पन्न विकास स्वर सन्धि कहलातीहै। स्वर सन्धि के पाँच भेद है – दीर्घ संधि – दो समान स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते

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