परमाणु :- पदार्थ को विभाजित करते जाए तो छोटे छोटे कण प्राप्त होते जाएंगे तथा अंत मे एक सीमा आएगी जब प्राप्त कण को पुनः विभक्त नही किया जा सकेगा ।इस अविभाज्य सूक्ष्मतम कण को परमाणु कहते हैं।
अणु :- दो या दो से अधिक परमाणुओ के समूह जो आपस मे रासायनिक बंध द्वारा जुड़े होते हैं , अणु कहलाता है।
आयन :- धातु एवं अधातु युक्त यौगिक आवेशित कणों से बने होते हैं । इन आवेशित कणों को आयन कहते हैं। आयन आवेशित कण होते हैं तथा इन पर ऋण या धन आवेश होता है ।
मूलक :- परमाणु समूह तथा स्वयं परमाणु भी जो रासायनिक अभिक्रिया में अपने रूप को परिवर्तित किए बिना एक यौगिक से दूसरे यौगिक में चला जाता है , मूलक कहलाता है।
परमाणु के भौतिक कण व उनकी खोज
इलेक्ट्रॉन – जे.जे.थॉमसन ने ।
प्रोटॉन – 1886 ई. में गोल्डस्टीन ने ।
न्यूट्रॉन – 1932 ई. में चैडविक ने ।
परमाणु के अन्य मूल कण
पॉजिट्रान – 1932 ई. में एंडरसन ने इनकी खोज की थी। यह एक धन आवेशित मूल कण है , जिसका द्रव्यमान व आवेश इलेक्ट्रॉन के बराबर होता है ।इसलिए इसे इलेक्ट्रॉन का एन्टी कण भी कहते हैं।
न्यूट्रिनो – 1930 ई. में पायली ने इसकी खोज की।यह द्रव्यमान व आवेश रहित मूल कण है।
पाई मेसोन -1935 ई. में एच युकावा ने इसकी खोज की ।यह दो प्रकार के होते हैं – धनात्मक पाई मेसोन व ऋणात्मक पाई मेसोन।
फोटॉन- ये ऊर्जा के बंडल होते हैं , जो प्रकाश के वेग से गतिमान होते हैं।