FIRST GRADE HINDI

RPSC 1ST GRADE HINDI SUBJECT SOLVE PAPER AFTER FINAL KEY स्कूल व्याख्याता फाइनल उत्तरकुंजी के बाद हल सहित प्रश्न पत्र

RPSC 1ST GRADE HINDI SUBJECT SOLVE PAPER AFTER FINAL KEY विषय – हिंदी परीक्षा दिनांक  – 15 अक्टूबर , 2022 RPSC 1ST GRADE HINDI SUBJECT SOLVE PAPER 15 OCT. 2022 राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित स्कूल व्याख्याता का  सॉल्व पेपर । 1.अनेकार्थी ‘अज’ का अर्थ नहीं होता है – (1) विष्णु (2) शिव (3) […]

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रामधारी सिंह दिनकर

💠 मेरे प्रिय कवि – दिनकर💠 जन्म – 23 सितम्बर 1908 मृत्यु – 24अपैल 1974 क्रांतिकारी कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ हिन्दी के प्रसिद्ध कवियों में से एक राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को सिमरिया नामक स्थान पे हुआ। इनकी मृत्यु 24 अप्रैल, 1974 को चेन्नई) में हुई । जीवन परिचय

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पद परिचय

वाक्य में प्रयुक्त प्रत्येक सार्थक शब्द को पद कहते हैं तथा उन शब्दों के व्याकरणिक परिचय को पद परिचय, पद व्याख्या या पदान्वय कहते हैं। पद परिचय में उस शब्द के भेद, उपभेद, लिंग, वचन, कारक आदि के परिचय के साथ, वाक्य में प्रयुक्त अन्य पदों के साथ उसके सम्बन्ध का भी उल्लेख किया जाता

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लिंग

परिभाषा: विकारी शब्दों (संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया) में विकार उत्पन्न करने वाले कारकों को विकारक कहते हैं। लिंग, वचन, कारक, काल तथा वाच्य से शब्द के रूप में परिवर्तन होता है। लिंग लिंग शब्द का अर्थ होता है चिह्न या पहचान। व्याकरण के अन्तर्गत लिंग उसे कहते हैं, जिसके द्वारा किसी विकारी शब्द के स्त्री

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वचन

सामान्यतः वचन शब्द का प्रयोग किसी के द्वारा कहे गये कथन अथवा दिये गये आश्वासन के अर्थ में किया जाता है, किन्तु व्याकरण में वचन का अर्थ संख्या से लिया जाता है। वह, जिसके द्वारा किसी विकारी शब्द की संख्या का बोध होता है, उसे वचन कहते हैं। प्रकार: वचन दो प्रकार के होते हैं।

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कारक

परिभाषा: ‘कारक’ शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है ‘करनेवाला’ किन्तु व्याकरण में यह एक पारिभाषिक शब्द है। जब किसी संज्ञा या सर्वनाम पद का सम्बन्ध वाक्य में प्रयुक्त अन्य पदों, विशेषकर क्रिया के साथ जाना जाता है, उसे कारक कहते हैं। विभक्ति: कारक को प्रकट करने के लिए संज्ञा या सर्वनाम के साथ, जो चिह्न

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उपसर्ग

परिभाषा: वे शब्दांश जो किसी मूल शब्द के पूर्व में लगकर नये शब्द का निर्माण करते हैं अर्थात् नये अर्थ का बोध कराते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं। ये शब्दांश होने के कारण वैसे इनका स्वतन्त्ररूप से अपना कोई महत्त्व नहीं होता किन्तु शब्द के पूर्व संश्लिष्ट अवस्था में लगकर उस शब्द विशेष के अर्थ

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शब्द विचार (रचना के आधार पर)

रचना के आधार पर: शब्दों की रचना प्रक्रिया के आधार पर हिन्दी भाषा के शब्दों के तीन भेद किये जाते हैं – (1) रूढ़ शब्द (2) यौगिक शब्द (3) योग रूढ़ शब्द (1) रूढ़ शब्द: वे शब्द जो किसी व्यक्ति, स्थान, प्राणी और वस्तु के लिए वर्षों से प्रयुक्त होने के कारण किसी विशिष्ट अर्थ

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शब्द विचार (तत्सम व तद्भव)

परिभाषा: एक या एक से अधिक वर्णों से बने सार्थक ध्वनि-समूह को शब्द कहते हैं। शब्द के भेद: शब्द की उत्पत्ति या स्रोत, रचना या बनावट, प्रयोग तथा अर्थ के आधर पर शब्दों के निम्न भेद किये जाते हैं – उत्पत्ति के आधार पर उत्पत्ति एवं स्रोत के आधार पर हिन्दी भाषा में शब्दों को

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