राजस्थान :- एक परिचय

  • राजस्थान शब्द का प्राचीनतम उल्लेख राजस्थान आदित्य 682 विक्रम संवत के बसंतगढ़ शिलालेख में मिलता है।
  • वाल्मीकि ने रामायण में राजस्थान को मरुकान्तर कहा है।
  • जॉर्ज थॉमस ने 1800 ई .में राजस्थान के लिए राजपुताना शब्द का प्रयोग किया ।
  • महाभारत काल मे जोधपुर और बीकानेर का क्षेत्र जांगल देश तथा नागौर को अहिच्छत्रपुर माना जाता है।
  • जोधपुर को मरु, मरूवार और मारवाड़
  • जैसलमेर को मांड
  • डूंगरपुर -बांसवाड़ा को बांगड़
  • कोटा -बूंदी को हाड़ौती।
  • डूंगरपुर -बांसवाड़ा के मध्य का भाग को- मेवल
  • प्रतापगढ़- बांसवाड़ा के मध्य भाग को -छप्पन का भाग
  • भैंसरोडगढ़ से बिजोलिया तक का पठारी भाग को – ऊपरमाल
  • उदयपुर के आसपास का पहाड़ी प्रदेश गिरवा कहलाता है।
  • नोट :-
  • कर्नल टॉड प्रथम व्यक्ति था जिन्होंने सबसे पहले राजस्थान शब्द का प्रयोग किया गया।
  • राजस्थान भारत के उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र में 23°3′ उत्तरी अक्षांश से 30°12’उत्तरी अक्षांश तथा 69°3’पूर्वी देशांतर से 78°17′ पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है।
  • राजस्थान का क्षेत्रफल3,42,239 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का 10.41℅ है।
  • राजस्थान की कुल स्थलीय सीमा 5920 किलोमीटर है, जिसमे अंतराष्ट्रीय सीमा 1070 किलोमीटर पाकिस्तान के साथ व अंतरराज्यीय सीमा 4850 किलोमीटर जो कि भारत के पांच राज्यो के साथ लगती है।

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